नशा मुक्ति एवं ओरल कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
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जमशेदपुर, 7 अक्टूबर 2026: रोटरी क्लब, जमशेदपुर के तत्वावधान में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, बिस्टुपुर में बुधवार को नशा मुक्ति एवं मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले मुख के कैंसर के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कक्षा 11 एवं 12 (वाणिज्य संकाय) के छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों एवं उनसे होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में आवश्यक जानकारी और परामर्श दिया गया।
कार्यक्रम में रोटरी क्लब, जमशेदपुर के अध्यक्ष डॉ. वी.एस.पी. सिन्हा सहित अन्य गणमान्य रोटेरियन उपस्थित रहे। कार्यशाला के प्रमुख वक्ता रोटेरियन डॉ. नीना गुप्ता एवं डॉ. राजीव भूषण सिंह ने विद्यार्थियों को मादक पदार्थों से सदैव दूर रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी परिस्थिति में गलत कदम नहीं उठाना चाहिए तथा सदैव सही मार्ग का चयन करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी मादक पदार्थों के सेवन से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को ओरल कैंसर (मुख के कैंसर) के प्रमुख कारणों, लक्षणों एवं बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू, गुटखा, खैनी एवं सुपारी जैसे उत्पादों का सेवन मुख के कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक है। विद्यार्थियों को इसके प्रमुख लक्षणों के बारे में भी बताया गया, जिनमें दो सप्ताह से अधिक समय तक न भरने वाला मुँह का घाव, सफेद या लाल धब्बे, मुँह में गांठ या असामान्य मोटापन, चबाने अथवा निगलने में परेशानी, लगातार दर्द या सुन्नपन, आवाज में बदलाव तथा बिना स्पष्ट कारण दाँत का हिलना आदि शामिल हैं।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए तंबाकू एवं गुटखा जैसे उत्पादों से पूरी तरह दूर रहने, शराब के सेवन से बचने, मुँह की नियमित सफाई रखने तथा समय-समय पर दाँतों एवं मुख की जाँच कराने की सलाह दी।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती प्रज्ञा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जागरूकता ही नशे जैसी बुराइयों से बचाव का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम में दी गई सीख को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मादक पदार्थों के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।