रंभा शैक्षिक संस्थान में ‘विश्व पुस्तक दिवस’ पर संगोष्ठी, पुस्तकों की महत्ता पर जोर
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जमशेदपुर:‘विश्व पुस्तक दिवस’ के अवसर पर रंभा शैक्षिक संस्थान में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें मानव जीवन में ज्ञान के संरक्षण और उसके पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरण में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की प्राचार्या कल्याणी कबीर ने की, जिन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुस्तकें लेखक के विचारों का समाहार होती हैं और इनके माध्यम से हम महान चिंतकों के गहन विचारों को समझ सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान डिग्री की छात्रा नित्या झा ने पीपीटी प्रस्तुति के जरिए डिजिटल युग में भी पुस्तकों की प्रासंगिकता को रेखांकित किया, जबकि सुनिधि ने प्रेरणादायी भाषण देकर छात्रों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। बीएड के छात्र स्वरूप मंडल ने पुस्तकों के इतिहास पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए प्राचीन काल से आधुनिक युग तक उनके विकासक्रम को साझा किया।

वहीं डॉ. सुमन लता ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी कालजयी कृतियों जैसे रामायण, गीता और कठोपनिषद के अध्ययन के लिए प्रेरित किया, जबकि ऐश्वर्या कर्मकार ने चर्चित पुस्तकों से छात्रों को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन लाइब्रेरियन दीपाली मंडल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गंगा भोला ने दिया। इस अवसर पर डॉ. भूपेश चंद, डॉ. दिनेश यादव, डॉ. सतीश चंद्र, व्याख्याता अमृता सुरेन, शीतल कुमारी, शिखा सामंता, लाइब्रेरियन नीरज कुमार सहित सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
