सोना देवी विश्वविद्यालय का तीसरा स्थापना दिवस: नए कोर्स, हॉस्टल और शोध कार्यों पर रहेगा फोकस
जमशेदपुर: सोना देवी विश्वविद्यालय, जमशेदपुर ने शनिवार को अपने स्थापना के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विवेकानंद ऑडिटोरियम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रभाकर सिंह ने कहा कि तीन वर्षों की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंची है, लेकिन मंजिल अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने कम समय में कई उपलब्धियां हासिल की हैं और आने वाले पांच वर्षों के लिए व्यापक विकास योजना तैयार की गई है।कुलाधिपति ने बताया कि जल्द ही विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जबकि खेल मैदानों का भी विकास किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय को शीघ्र ही एनसीटीई की मान्यता प्राप्त होगी, जिसके बाद बीएड और डीएलएड जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। साथ ही पैरामेडिकल और एलएलएम कोर्स शुरू करने की भी योजना है। इस वर्ष प्रारंभ किए गए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड कंप्यूटिंग पाठ्यक्रम को उन्होंने भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया।कार्यक्रम में कुलपति डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने कहा कि किसी भी उच्च शिक्षण संस्थान की पहचान शोध कार्यों से बनती है और विश्वविद्यालय इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं कुलसचिव डॉ. नित नयना ने विश्वविद्यालय की तीन वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक 13 स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंटेल सहित कई संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं। इसके अलावा एनआईटी समेत चार अन्य संस्थानों के साथ समझौते की प्रक्रिया जारी है।सहायक कुलसचिव अर्चना सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना से हुई, जिसमें छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
