जमशेदपुर प्रधान डाकघर में वृहत रक्तदान शिविर संपन्न, डाककर्मियों ने दिखाई मानवता की मिसाल
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60वीं बार रक्तदान कर चंडी चरण साधु बने प्रेरणास्रोत, रिकॉर्ड संख्या में रक्तदान कर कर्मचारियों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
जमशेदपुर:जमशेदपुर प्रधान डाकघर परिसर में आयोजित वृहत स्वैच्छिक रक्तदान शिविर उत्साह, सेवा भावना और सामाजिक सरोकार के माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। डाक विभाग द्वारा आयोजित इस शिविर में डाककर्मियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर रक्तदान किया और जरूरतमंदों के जीवन बचाने के इस पुनीत अभियान में अपना योगदान दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह के मार्गदर्शन एवं गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि *“रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। डाक विभाग सदैव जनसेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है और आगे भी ऐसे सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखेगा।”*शिविर का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब **चंडी चरण साधु (एलएसजी डाक सहायक, चाकुलिया)** ने अपना **60वां रक्तदान** पूरा किया। उनकी यह उपलब्धि उपस्थित लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। वहीं श्यामल महतो (एलएसजी डाक सहायक, मंडलिया कार्यालय) ने अपना 36वां तथा चुना राम हांसदा (ग्रामीण डाक सेवक, बोड़ाम) ने अपना 33वां रक्तदान कर समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।मानवता की सेवा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इन सभी नियमित रक्तदाताओं को विभाग की ओर से प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।शिविर की सफलता में वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन (VBDA) की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। VBDA के नरेश कुमार, तरुण कुमार घोष, गौरी मुखर्जी, नम्रता कुमारी एवं आशीष रॉय ने दाताओं को प्रेरित करने और शिविर के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।वहीं, जमशेदपुर ब्लड बैंक की मेडिकल टीम ने रक्तदान प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया। टीम में शामिल डॉ. यश, त्रिलोचन बाग, तपन कुंडु एवं सुबीर बनर्जी ने रक्तदाताओं के स्वास्थ्य मानकों की जांच के बाद रक्त संग्रह की प्रक्रिया पूरी की।

शिविर के समापन पर वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह एवं ब्रज भूषण झा ने रक्तदाताओं, मेडिकल टीम तथा VBDA के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज में रक्त की आवश्यकता को देखते हुए भविष्य में और भी बड़े स्तर पर ऐसे शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।यह आयोजन केवल रक्तदान शिविर नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक संदेश बनकर सामने आया।
