सोना देवी विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनी डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती, शिक्षा और समानता पर दिया गया जोर
जमशेदपुर: सोना देवी विश्वविद्यालय के विवेकानंद ऑडिटोरियम में मंगलवार को डॉ भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में राजकीय पॉलिटेक्निक, सरायकेला के प्राचार्य सत्यदेव राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब ने बचपन से ही कठिन परिस्थितियों और अस्पृश्यता का सामना किया, लेकिन शिक्षा के बल पर उन्होंने न केवल अपनी पहचान बनाई बल्कि पूरे समाज को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक समानता, शिक्षा के प्रसार और महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए आजीवन संघर्ष किया तथा वंचित वर्ग के लिए शिक्षा और रोजगार में विशेष प्रावधान सुनिश्चित किए।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ब्रज मोहन पट पिंगुआ ने कहा कि भारतीय संविधान ही वह आधार है जो विविधताओं के बावजूद देश को एकता के सूत्र में बांधे रखता है।

उन्होंने सभी को संगठित और सशक्त होकर समाज में नई सोच विकसित करने का आह्वान किया। वहीं कुलसचिव डॉ नित नयना ने विषय प्रवेश कराया और राजनीति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ शिव चंद्र झा ने अंबेडकर के “शिक्षित करो, आंदोलन करो, संगठित करो” के संदेश को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इस दौरान छात्राओं मौसमी महतो और रूमि दास ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जबकि संजना मुंडा और अंशु कुमारी ने बाबा साहब के विचारों पर अपने विचार रखे। मंच संचालन अर्चना सिंह और कुमारी निकिता ने संयुक्त रूप से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ कंचन सिन्हा ने किया।
