सोना देवी विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर छात्रों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
1 min read
जमशेदपुर: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोना देवी विश्वविद्यालय में पोस्टर एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 23 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने अपने आकर्षक पोस्टरों और प्रेरणादायी स्लोगनों के माध्यम से जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्लास्टिक मुक्त समाज, स्वच्छ पर्यावरण और हरित भविष्य का संदेश दिया। प्रतियोगिता में प्रस्तुत रचनाओं ने यह साबित किया कि युवा पीढ़ी पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. सुभाष होरे, डॉ. कुसुम कुमारी लकड़ा एवं धारणी महतो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सांस्कृतिक गरिमा को नई ऊंचाई दी। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. नीत नयना ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को समझने और निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि आने वाली पीढ़ी धरती को बचाने के लिए संकल्पित है।वहीं कुलपति प्रो. डॉ. ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी मानव सभ्यता का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना, नैतिक मूल्यों और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को विकसित करते हैं। कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि धरती आने वाली पीढ़ियों की धरोहर है और हमें प्रकृति से उतना ही लेना चाहिए जितनी आवश्यकता हो। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी वातावरण देखने को मिला।
