स्वदेशी जागरण मंच महानगर का जिला सम्मेलन तुलसी भवन में हुआ संपन्न ।
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जमशेदपुर। आज स्वदेशी जागरण मंच महानगर का जिला सम्मेलन तुलसी भवन में सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख श्री दीपक शर्मा प्रदीप जी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच के छेत्रिय संयोजक श्री अमरेंद्र कुमार सिंह जी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत माँ के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर के हुआ। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि दीपक शर्मा प्रदीप जी ने कहा कि भारत का इतिहास 70 हजार वर्ष पूर्व का है और भारत ने पूरी दुनिया को ज्ञान उद्योग जीवन दर्शन अध्यात्म योग और विकास का रास्ता दिया। परंतु 1991 में भारत में एक बड़ा परिवर्तन आया पश्चिमी देश के कुछ बड़े व्यापारियों ने हमारे उसे समय के सरकार को यह समझने में सफल हो गए की यदि विदेशी टेक्नोलॉजी हमारे देश में आएगी तो हमारे देश का विकास होगा और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी। परंतु पूरा देश इस बात से अभिज्ञा था की विदेशी विकास का मॉडल देश के लिए विनाशकारी एवं रोजगार विरोधी सिद्ध होगा। भारत में विकास का मॉडल हमेशा से एक अक्षय विकास का मॉडल रहा जिसमें हम सभी का साथ सभी का विकास और सर्वे भवंतु सुखिनः – सर्वे संतु निरामयः आदर्शों के साथ चलते हैं। भारत में रोजगार पहले भी था आज भी है और आगे भी रहेगा। हम पिछले 30 दशकों से विदेशियों के जंजाल में पड़कर रोजगार को सिर्फ नौकरी के रूप में ही देखते हैं बल्कि सत्य यह है की पूरे देश में संगठित क्षेत्र से केवल 7% ही रोजगार है और जिसे हम रोजगार नहीं मानते हैं उस असंगठित क्षेत्र से कुल 93% रोजगार भारत में है। असंगठित क्षेत्र की खूबसूरती यह है की इसमें जो जहां है जैसे है उसे आधार पर उसे रोजगार मिल जाता है चलिए। उदाहरण के तौर पर भारत में 3 करोड़ मछुआरे हैं जिनकी पत्नियां मार्केट में मछलियां बेच कर जीवन यापन करती हैं। इसी तरह भारत मे 8 करोड़ ऐसे लोग हैं जिनकी आजीविका दूध पर टिकी हुई है, 3 करोड़ लोग राजमिस्त्री हैं, 1करोड़ 10 लाख छोटे-बड़े उद्यमीयों ने 8 करोड़ लोगों को रोजगार दे रखा है। आज पूरे विश्व में सबसे ज्यादा खेती योग्य भूमि भारत के पास है। आज कृषि के उपज से हम 400 करोड़ लोगों को जैविक भोजन दे सकते हैं। आज की तत्कालीन सरकार विकसित भारत 2047 का लक्ष्य लेकर के चल रही है जिसमें हम सारे सामाजिक संगठनों को पूरा सहयोग करना चाहिए क्योंकि यह एक अटल सत्य है कि जिस देश में युवा आबादी ज्यादा है वह देश ज्यादा तरक्की करेगा। यदि हम सभी समाज के लोग सरकार का सहयोग करें तो यह लक्ष्य को हासिल करना कोई बहुत बड़ी बात नहीं होगी। वर्तमान आबादी के हिसाब से हम अगले 35 वर्ष तक दुनिया के सबसे युवा देश रहेंगे इसीलिए आज भारत दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु बना हुआ है। स्वरोजगार के विषय पर स्वदेशी जागरण मंच का यह नारा है की आगे चले समाज – साथ दे सरकार। हमारा लक्ष्य गांव-गांव तक स्वरोजगार के नए अवसर को पहुंचना है। अगले 5 वर्षों में हम पूरे विश्व को 1000 वर्षों का विकास का मॉडल बना कर देंगे। आज देश में पूरे विश्व का सबसे तेज ब्रेन रखने वाले युवा हैं। पिछले 1 वर्षों में 950 अरब डॉलर हमने बैंक एवं छोटे बचत के रूप में बचाया है। भारतीय मूल के निवासी जो विदेश में रहते हैं उन्होंने पिछले 1 वर्षों में 120 अरब डॉलर भारत में भेजा है। तो पिछले एक वर्षों में हमने 1070 अरब डॉलर की बचत की है साथ में हमारे पास गोल्ड रिजर्व 24000 टन है। आज हमारे पास इतने विकल्प हैं कि हम तेजी से विकास कर 40 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था खड़ी कर सकते हैं। उन्होंने कहा की मंच सर्वाइवल ऑफ फिटेस्ट की थ्योरी को नाकरता है और सर्वाइवल का वीकेस्ट के लिए कार्य करता है क्योंकि यह व्यवस्था शोषणकारी है। इस सत्र में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक डॉ राज कुमार मित्तल जी द्वारा लिखा गया जैविक उद्यमिता पर आधारित “37 करोड़ स्टार्टअप का देश” नामक पुस्तक का विमोचन किया गया। सत्र में स्वावलंबी भारत अभियान को विस्तार से मंच के छेत्रिय संयोजक अमरेंद्र कुमार सिंह जी ने रखा।उद्घाटन सत्र में विषय प्रवेश प्रान्त के सह प्रचार प्रमुख अमित मिश्रा, स्वागत भाषण विभाग संयोजक राज कुमार साह, संचालन प्रान्त के युवा प्रकोष्ठ पंकज सिंह और धन्यवाद ज्ञापन ज़िला संयोजिका राजपति देवी जी ने दिया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र का विषय स्वदेशी जागरण मंच की विकास यात्रा एवं कार्यपद्धति रहा जसके मुख्य वक्ता मंच के अखिल भारतीय सह संघर्षवाहिनी प्रमुख बन्दे शंकर सिंह जी ने 1991 से आज तक के मंच के अनेक आंदलोन का ज़िक्र किया। साथ ही उन्होंने मंच के द्वारा समाजहित में उठाये गए विषयों एवं भारतीय मूल के व्यापारियों का संरक्षण के हेतु जनजागरण के कार्यों को उजागर किया। मंच के प्रमुख कार्यक्रमों में श्री अन्न सम्मेलन, स्वदेशी संकल्पित परिवार सम्मेलन, ज़िला सम्मेलन, स्वदेशी सप्ताह और स्वदेशी दिवस का विस्तार से विवरण दिया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में भारत में स्वरोजगार के नए अवसर के के विषय पर समाजसेवी एवं व्यापारी मनोज सिन्हा और पर्यावरण की वर्तमान स्थिति एवं हमारा दायित्व के विषय पर खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्वी भारत के अध्यक्ष श्री मनोज सिंह जी का बौद्धिक रहा। भारत में स्वरोजगार के नए अवसर को बताते हुए मनोज सिन्हा जी ने कार्बन क्रेडिट स्टोरेज एंड कंजप्शन के नए आयाम को समर्थकों के बीच में रखा। उन्होंने कहा यदि कृषि के क्षेत्र में हम स्पिरुलिना और अजोला की खेती करें तो इसका बाजार बहुत बड़ा है, हम अपने व्यवसाय को आसानी से खड़ा कर सकते हैं। उन्होंने पेंट के क्षेत्र में गाय के गोबर से उत्पन्न किया जा रहे जैविक पेंट का भी उल्लेख किया। पर्यावरण के विषय को बताते हुए मनोज सिंह जी ने कहा कि मनुष्य हवा और पानी के बिना नही जी सकता। पहले जो भारतीय विकास का मॉडल था उसमें हमे शुद्ध हवा और पानी मिलता था। परंतु पश्चिमी विकास के मॉडल ने हमारे वायु को असुद्ध किया , पानी में भी भारी कमी हुई और जैविक खेती छोड़ जेनेटिकली मॉडिफाइड खेती ने हमे अनेक नई बीमारियों को दिया। आज समाज की ये सम्मिलित ज़िम्मेदारी है कि हम पर्यावरण संरक्षण का दायित्व केवल सरकार पर ना छोड़े, बल्कि स्वयं सरकार को सही रास्ता दिखाए।
समारोप में संगठनात्मक विषय को रखा गया और नए दायित्व भी दिए गए। ज़िला स्तरीय दायित्व इस प्रकार से है-
ज़िला विचार विभाग प्रमुख – जयप्रकाश सिंह, ज़िला महिला विभाग की प्रमुख- श्रीमती कंचन सिंह, ज़िला महिला विभाग की सह प्रमुख – श्रीमती किरणजीत कौर, ज़िला का युवा प्रकोष्ठ – अखिलेश कुमार एवं नगर स्तरीय नए दायित्वधारी इस प्रकार से है – बागबेड़ा नगर संयोजक- सुमित कुमार, मानगो नगर- विकास जायसवाल, उलीडीह नगर – प्रतिमा सिंह, जुगसलाई नगर – मनोज सकुजा, सोनारी नगर – संजय कुमार, परसुडीह नगर – शुक्ला हलधर, बारीडीह नगर – रविन्द्र मास्टर, साकची नगर – राजेश कुमार सिंह, बिरसानगर की महिला प्रमुख आशा सिंह, गोविंदपुर की महिला प्रमुख स्वेता सिंह। अंत में मंच के सारे समर्थकों ने आज ही स्वर्गवास हुए बारीडीह नगर के पूर्व संयोजक संतोस साहू के लिए 2 मिनट का मौन रख कार्यक्रम का समापन किया। मौके पर मधुलिका मेहता मंजू ठाकुर अनिल राय केपी चौधरी जेकेएम राजू संजीत प्रमाणिक मुकेश ठाकुर विकास साहनी मुकेश भदानी मनोज गुप्ता श्याम दास गुरजीत सिंह अभिषेक बजाज सत्यनारायण मिश्रा गौरव कुमार दुर्गा सैनी शारदा सिंह विनोद सिंह अजय कुमार राहुल कुमार कंचन सिंह के अलावा 500 की संख्या में स्वदेशी समर्थक उपस्थित रहे।
