पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से जुड़ी हॉर्स ट्रेडिंग मामले पर रांची सिविल कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, 10 जून को सुनाएगी अपना फैसला
राँची: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास एडीजी अनुराग गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रेस सलाहकार अजय कुमार से जुड़े हॉर्स ट्रेडिंग मामले के जांच अधिकारी द्वारा अदालत में दायर पीसी एक्ट जोड़ने के मामले पर सुनवाई के पश्चात रांची सिविल कोर्ट ने अपना फैसला 10 जून तक के लिए सुरक्षित रख लिया है। मामले में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक श्रद्धा जया टोपनो ने अपना पक्ष रखा अगली सुनवाई के लिए 10 जून की तिथि निर्धारित की गई है
2 जून को दायर अर्जी पर प्रथम श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी अनुज कुमार की अदालत ने संज्ञान लिया है अदालत ने पिछले सुनवाई के फैसले सुरक्षित रख लिया था, अदालत ने इसके लिए आज तारीख निर्धारित की थी लेकिन अदालत एक बार फिर मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया है। सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास को भी राज्यसभा चुनाव 2016 से जुड़े हॉर्स ट्रेड्रिंग मुकदमे में ट्रायल फेस करना पड़ सकता है। मामले के जांच अधिकारी ने मामले में पीसी एक्ट की धाराओं को जोड़ने की अर्जी अदालत में दी है। उस अर्जी में प्राथमिकी आरोपी पूर्व एडीजी अनुराग गुप्ता और पूर्व सीएम के तत्कालीन प्रेस सलाहकार अजय कुमार का नाम है। साथ में अप्राथमिकी आरोपी के रूप में रघुवर दास को नामजद किया है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि मामले में पीसी एक्ट के साथ रघुवर दास का नाम भी केस में जुड़ जाएगा। जैसे ही मामले में पीसी एक्ट जुड़ेगा, मामले के आरोपियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। पीसी एक्ट लगते ही आरोपियों को निचली अदालत से राहत मिलने की उम्मीद खत्म हो जाती है। गौरतलब है कि 2016 के राज्यसभा चुनाव के दौरान एक राजनीतिक दल के पक्ष में खड़े प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने के लिए बड़कागांव के तत्कालीन विधायक निर्मला देवी को प्रलोभन दिया गया था। साथ ही उनके पति पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को धमकी भी दी गई थी। इस घटना को लेकर 2018 में जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब 2021 में पीसी एक्ट लगते ही यह मामला एसीबी कोर्ट में स्थानांतरित हो जाएगा।