बिष्टुपुर में अंकिता सिन्हा के पुस्तक कोरोना काल का लोकार्पण
जमशेदपुर
बिष्टुपुर स्थित एक होटल में झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच की जमशेदपुर इकाई के बैनर तले शहर की लेखिका अंकिता सिन्हा की पुस्तक कोरोनाकाल का लोकार्पण हुआ। मौके पर कवि और कवयित्रियों को झारखंड हिंदी साहित्य संस्कृति मंच की ओर से उत्कृष्ट साहित्य सेवा सम्मान देकर सम्मानित किया गया। समारोह में बतर मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग झारखंड की पूर्व अध्यक्ष कल्याणी शरण ने अपने संबोधन में कहा कि नारी कभी भी अबला नहीं रही है। हर दौर में वह मिसाल बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहर की बेटी अंकिता सिन्हा ने श्रीनगर में जाकर झंडा फहराया और जमशेदपुर ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड का नाम देश में ऊंचा किया। उन्होंने कहा कि अंकिता सिन्हा ने कम उम्र में आकांक्षा के बाद कोरोना काल पुस्तक देकर एक मिसाल कायम की है। मौके पर उद्घाटनकर्ता केंद्रीय वरिष्ठ नागरक समिति के अध्यक्ष शिवपूजन सिंह ने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान जो घटनाएं घटी उसका बहुत सुंदर चित्रण अंकिता सिन्हा ने अपनी पुस्तक में किया है जो बहुत ही सराहनीय कदम है। इस अवसर पर रांची की साहित्यकार व सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ सुरिंद्र कौर नीलम ने अंकिता सिन्हा की लेखनी की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस पुस्तक में जो भी लिखा गया है उस पीड़ा को लोगों ने झेला है और उसे अंकिता सिन्हा ने अपनी कलम से हुबहू चित्रण किया है। लोकार्पण समारोह के बाद कवि सम्मेलन में कविता पाठ की जोरदार प्रस्तुति की गई। कवि सम्मेलन में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुप्रसिद्ध कवि श्यामल सुमन, रांची की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ सुरिंदर कौर नीलम, शहर के चर्चित कवयित्री सोनी सुगंधा, जादूगोड़ा के कवि कुमार मनीष, मंच का संचालन कर रहे कवि नवीन अग्रवाल के साथ साथ अंकिता सिन्हा ने एक से बढ़कर एक वीर रस, हास्य रस और मां के उपर कविता पाठ की दमदार प्रस्तुति कर माहौल को खुशनुमा बना दिय। मौके पर रूहुल जमील अहमद ने भी मां के ऊपर जबरदस्त कविता पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवपूजन सिंह और संचालन नवीन अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रांची से कार्यक्रम में शामिल हुई निकिता सिन्हा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।