वन विभाग : उल्लू की खरीद बिक्री या बलि की सूचना पर पकड़े गए लोगो को जाना पड़ेगा जेल
जमशेदपुर : दीपावली में माता लक्ष्मी की सवारी उल्लू की बलि और बंधक पर रोक लगाते हुए वन विभाग ने उठाया कदम। कहा खरीद बिक्री या बलि की सूचना पर पकड़े गए लोगो को जाना पड़ेगा जेल। वही हिन्दू जागरण मंच अध्यक्ष बलबीर मंडल ने कहा कि उल्लू की होती है। पूजा खरीद बिक्री या बलि गलत प्रशासन को करनी चाहिए करवाई। जहा पूजा अर्चना करने वाले पुजारी ने उल्लू शुभ का सूचक इसका बलि गलत वह नही हो सकता तंत्र विद्या या तांत्रिक। विलुप्त होती प्रजाति उल्लू को माँ लक्ष्मी की पूजा में खरीद बिक्री और बलि वेवस्था पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने राज्य के तमाम वन अधिकारियों को आया निर्देश। एक पत्र के माध्यम से वन अधिकारियों को सतर्क किया गया कि दीपावली पूजा में उल्लू की खरीद बिक्री पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए जिसमे जागरूकता अभियान या अन्य तरीकों से नजर रखनी है। हालांकि कल माँ लक्ष्मी की पूजा और कल ही आमावस्या है। जिसमे माँ काली की पूजा होती हैं। जिसके बारे में एक सूचना के तहत जानकारी है। कि इस दिन तंत्र विद्या को सीधी के लिए तांत्रिक उल्लू की बलि देते है वही कल लक्ष्मी पूजा में कुछ लोग उल्लू को खरीद घर मे रखते है ताकि घर परिवार में खुशहाली है। जहा पक्षियों की खरीद बिक्री करने वालो से जाना गया तो अंदुरुनी जानकारी मिली कि उल्लू मिलेगा पैसा 25 सौ लगेगा और डिलिवरी 7 दिनों में मगर कैमरे पर आने से इंकार करते रहे पक्षी बिक्रेता। जहा वन अधिकारी की माने तो ऐसा आदेश वाली चिठ्ठी आयी है। मगर फिलहाल कोई उल्लू की खरीद बिक्री या बाली की सूचना नही अगर पकड़े गए तो उन्हें जाना पड़ेगा जेल। इस मामले में आम शहरी और सनातन धर्म पर चलने वाले हिन्दू जागरण मंच के अध्यक्ष ने बताया कि यह गलत है। किसी को माता की सवारी उल्लू को खरीद बिक्री या बलि का अधिकार नही और हमारे धर्म मे ऐसा कही नही है। जिसकी हम पूजा करते है उसका बलि किया जाए। इस पर प्रशासन को कड़ी करवाई करने की जरूरत है।अंधविश्वास पर जब एक पुजारी से जाना गया तो पता चला यह उल्लू वाली बातें गलत अगर कही तंत्र मंत्र के लिए होता भी होगा तो वह व्यक्ति तांत्रिक होगा ही नही कारण उल्लू माता का सवारी है जिसका पूजा माता के पूजा के साथ ही मंत्रो उच्चारण के साथ किया जाता है। देखना अब यह होगा धरती से विलुप्त होती पक्षी उल्लू को बचाने के लिए वन विभाग का एक काफी होता है या कुछ करवाई भी आगे दिखाई पड़ता है।
