रांची मे बिनोद बिहारी महतो का समाधि सहित राजभवन और विधानसभा मे प्रतिमा लगाने की मांग
राँची: बिनोद बिहारी महतो ने अलग राज की लड़ाई के लिए जो अलख जगाई थी उसे भुलाया नहीं जा सकता, 1970 के दशक में शिवाजी समाज सेवा एवं सोनोत संथाल समाज दोनों सशक्त सामाजिक संगठन थे ऐसे निर्णायक समय में बिनोद बिहारी महतो ने ही दोनों सामाजिक संगठन को विलय करने का सुझाव दिया उसी से फल स्वरुप झारखंड मुक्ति मोर्चा राजनीतिक दल उदय हुआ। कुर्मी विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा आने वाले 23 सितम्बर को झारखंड आंदोलन के जनक सह झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक केंद्रीय अध्यक्ष विनोद बिहारी महतो को झारखंड पितामह का दर्जा देने तथा राजभवन, विधानसभा के भवन में प्रतिमा लगाने एवं रांची में उनका समाधि स्थल बनाने की मांग को लेकर विनोद धाम, बलियापुर, धनबाद से राजभवन तक पदयात्रा की जाएगी।