इस बार भी नहीं निकलेगी रथ यात्रा, सांकेतिक तौर पर होगी भगवान जगन्नाथ की पूजा
राँची: कोरोना कल को देखते हुए मेला तो नहीं लग सकता है लेकिन, विधि और विधान के साथ भगवान जगन्नाथ स्वामी को मंदिर की कमेटी और पंडित के सहायता से भगवान को मौसी बाड़ी ले जाया जाएगा। राँची में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की परंपरा 300 साल से चली आ रही है। कोरोना के कारण पिछले साल 2020 में भी कोरोना संक्रमण की वजह से रांची में रथयात्रा नहीं निकाली गई थी। 12 जुलाई को इस बार भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और माता सुभद्रा की रथयात्रा निकालने की तारीख है। लेकिन संक्रमण की वजह से सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत किसी भी तरह के मेले या भीड़भाड़ के आयोजन पर पाबंदी लगा रखी है।
गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट में भी जनहित याचिका दायर कर जगन्नाथ पुरी के तर्ज पर यहां भी रथ यात्रा निकाले जाने की अपील की गई थी लेकिन हाईकोर्ट ने इसे राज्य सरकार के ऊपर छोड़ दिया था और राज्य में कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह जारी है इसलिए जगन्नाथ मंदिर के मंदिर कमेटी और पुजारियों के देखरेख में भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र और माता सुभद्रा को मौसी बाड़ी ले जाया जाएगा।