जिला कांग्रेस ने भारतरत्न स्वः राजीव गाँधी के जयन्ती पर सद्भावना यात्रा कार्यक्रम आयोजित किया
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जमशेदपुर : झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के दिशानिर्देश पर पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में बर्मामाइन्स डनलप मैदान में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी के जयन्ती के अवसर पर वृहत रूप से सद्भावना यात्रा कार्यक्रम जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे के अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला संगठन प्रभारी बलजीत सिंह बेदी शामिल हुए। इस अवसर पर सद्भावना यात्रा की शुभारंभ जिला संगठन प्रभारी बलजीत सिंह बेदी एवं जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने झण्डा प्रदान कर किया।सद्भावना यात्रा वर्मामाइन्स डनलप मैदान से प्रारंभ होकर चुना भट्टा, नवजीवन आश्रम, लक्ष्मीनगर, प्रेम नगर, बजरंगी बगान, आजाद बस्ती होते जेम्को में स्थापित शहीदेआजम भगत सिंहजी के आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर यात्रा सभा में तब्दील हो गई।

सभा को मुख्य अतिथि बलजीत सिंह बेदी ने कहा किभारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी के हजारों योगदान भारत में है। जिसमें मुख्य रूप से हम सभी उन्हें कंप्यूटर जगत के जनक के रूप में जानते हैं, पंचायती राज संगठन को जवाहर रोजगार योजना ला कर बहुत मजबूती प्रदान किया, जिसके तहत गांव में सड़क, नाली, भवन, स्कूल भवन, पुल पुलिया, शौचालय निर्माण सहित सैकड़ो विकास की योजनाएं संचालित होने लगी, इन्हीं के देख-रेख में भारत विकास के मामले में बहुत तरक्की किया।सद्भावना सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष आनन्द बिहारी दुबे ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने ही श्रीलंका में शांति सेवा भेज कर विश्व को अस्थिर होने से बचाया, उस शांति सेना का मैं भी सैनिक रह चुका हूँ, सबसे बड़ी देन में से एक देन यह भी है कि चुनाव में युवाओं को 21 वर्ष के उम्र सीमा को घटाकर 18 साल किया, ऐसे हजारों योजनाएं हैं, जो हमें आज भी दिखते हैं, जयंती के अवसर पर हम उन्हें याद करते हुए अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, स्वर्गीय राजीव गांधी संपूर्ण भारत के युवाओं के लिए आइकन के रूप में जाने जाते रहे है। स्वः राजीव गांधी जी कांग्रेसजनों के बीच सरल स्वभाव, व्यक्तित्व के धनी, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मान सम्मान करने वाले महान नेता के रूप में संज्ञा दी। आज के विकृत मानसिकता के लोग कहते है कि 70 वर्षों में कुछ नही हुआ, जबकि 70 वर्षों के दौरान भारत ने सभी उपलब्धियों को प्राप्त कर लिया है।
