गुटखा, सिगरेट बेचने पर छोटे दुकानदारों पर ही सिर्फ क्यों हो रही कार्रवाई? परंतु पूरे झारखंड में सप्लाई करने वाले माफियाओं पर क्यों मेहरबान है झारखंड सरकार : अभिषेक डे
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● सरकार तंबाकू माफियाओं पर मेहरबान क्यों।
● सिर्फ छोटे दुकानदारों पर इल्जाम क्यों।
● 2 वर्ष से झारखंड में तंबाकू बैन कर के भी कैसे पूरे झारखंड में हो रही है तंबाकू की सप्लाई।
जमशेदपुर : प्रशासन द्वारा जेएनएसी के माध्यम से गरीब दुकानदार भाइयों के दुकान में छापेमारी कर ₹53900 का चालान सिगरेट और गुटका बेचने के लिए काटा गया। मैं झारखंड के हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कांग्रेस-झामुमो की गठबंधन सरकार से पूछना चाहता हूँ कि आखिर जब झारखंड में तंबाकू संबंधित वस्तुएं 2 वर्ष से बैन है तो कैसे झारखंड के छोटे एवं बड़े से बड़े पान दुकानों में इसकी सप्लाई हो रही है? स्वाभाविक है कि दुकानदार स्वयं जाकर कंपनी से नहीं खरीद कर लाते हैं। तो पूरे झारखंड में इतनी विशाल संख्या में जो लोग इसकी आपूर्ति कर रहें है। उन पर कार्यवाही नहीं करते हैं और जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए गरीब दुकानदारों से वसूली कर रहे हैं। अरे अब तो लगता है पूरे झारखंड में पुलिस का दो ही काम बच गया है आम जनता से हेलमेट और दुकानदारों से तंबाकू के आड़ में वसूली। एक तो आप झारखंड में तंबाकू बैन कर दिए हैं। और पूरे राज्य में बिकवा भी रहे हैं जिससे राज्य के राजस्व का नुकसान भी कर रहे हैं। जब बैन ही करना है तो झारखंड में इसकी सप्लाई ना हो इसकी जिम्मेवारी भी लीजिए अन्यथा ऐसे गुटका माफियाओं पर कार्रवाई करिए या फिर बैन हटवा दीजिए ताकि राज्य का राजस्व का नुकसान ना हो। एक तरफ आप बैन भी करते हैं उसके बाद सप्लाई भी करवाते हैं और जब छोटे दुकानदार इसको बेचते हैं। तो जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए और वसूली के लिए उस आर्थिक रूप से कमजोर छोटे-मोटे दुकानदारों पर कार्यवाही भी करते हैं। ऐसे कैसे चलेगा माननीय हेमंत सोरेन कितना नुकसान करवाएंगे आप झारखंड का? क्यों राज्य को इतना पीछे धकेल रहे हो?