एक महीने तक बेर खाकर जी रहे थे दिव्यांग विक्रम लागूरी, जमशेदपुर से समाजसेवी रवि ने भेजवा दिया राशन का समान
न्यूज़ टेल/डेस्क: कहते है कि जिसका कोई नही होता उसका उपरवाला होता है। और वो किसी रूप में आकर मदद भेजवा देता है। ऐसी ही एक घटना देखने को मिली जब 16 साल से टूटे खटिये पर जी रहे विक्रम लागूरी को जमशेदपुर के समाजसेवी रवि जैशवाल ने अनाज भेजवा दिया। असल में रवि जैशवाल युवा समाजसेवी है जो जमशेदपुर मे अपने सेवा कार्यो के लिए जाने जाते है।

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सरेंसिया नामक गाँव में रह रहे विक्रम लागूरी अत्यंत दयनीय दशा में जीने को मजबूर थे। न ही उनकी छत पक्की है न ही घर में अनाज का एक दाना। वो किसी तरह से गाँव वालो से प्राप्त भोजन को खाकर जीने को मजबूर है। जब ए बात रवि जैशवाल को पता चली उन्होंने दिव्यांग को पलंग, टेबल पंखा, चटाई,तुल, राशन एवं सोलर लैंप देकर मदद पहुँचा दी ताकि वो आराम से रह सके। मदद पाकर दिव्यांग विक्रम लागूरी गदगद हो गए। उन्होंने बताया कि एक ओर जहा गाँव के मुखीया, मुंडा उसे देखने नही आते वही जमशेदपुर के सज्जन रवि जैशवाल उनके लिए फरिश्ते से कम नही है । इस कार्य को सफल बनाने में नेहा निषाद, प्रकाश लागूरी, अभय जैशवाल और अंजना कनौजिया का सहयोग रहा।