एनएसयूआई से निलंबित सभी कार्यकर्ताओं के लिए विद्यार्थी परिषद का द्वार हमेशा खुला है : अभाविप
1 min readजमशेदपुर : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जमशेदपुर महानगर द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर एनएसयूआई की कार्यवाही पर निंदा वक़्त किया गया तथा इसे धार्मिक स्वतंत्रता एवं निजता का हनन बताया। जैसा कि मीडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ कि एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष रोज तिर्की के द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में जय श्री राम लिखने के आरोप में अपने सात कार्यकर्ताओ को 3 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया हैं एनएसयूआई ने इस घटना को पार्टी के विचारधारा के खिलाप बताया। इस घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कोल्हान विभाग संयोजक शांतनु चक्रवर्ती ने ” इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए घटना की कड़ी शब्दों में निंदा किया एवं इसे निजता व धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करार दिया साथ ही शांतनु ने इस घटना को एनएसयूआई के मातृ संगठन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के प्रभु श्री राम जी के प्रति आस्था में अविश्वास एवं सोंच को दर्शाने वाला बताया।” साथ ही अभाविप ने कहा कि भारतीय संविधान में भी श्री राम दरबार का चित्र हैं,प्रभु श्री राम की घरती पर राम नाम लेने वाले पर कार्यवाही करना बहुत ही निंदानीय हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(क)में अभिव्यक्ति की आजादी एवं अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता का आधिकार समस्त देशवासियों को प्राप्त है संविधान के अनुसार भारत में सभी धर्म, पंथ के लोगों को अपने अनुसार अपना -अपना धर्म को मानने का अधिकार है, इसलिए एनएसयूआई का कार्यवाही को अभाविप इस घटना को पूर्णतः असंवैधानिक मानती हैं। साथ ही यह घोषणा करती हैं कि एनएसयूआई के उन सभी पीड़ित साथियों के लिए विद्यार्थी परिषद का दरवाजा सदैव खुला हैं साथ ही उन सभी कार्यकर्ताओ को जिनको यह लगता है कि एनएसयूआई में रहने से उनका धार्मिक आजादी एवं धार्मिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की आजादी को खतरा हैं उन सभी के लिए विद्यार्थी परिषद का द्वार सदैव खुला हैं वो सभी जब चाहे विद्यार्थी परिषद में जॉइन कर सकते हैं।