बोड़ाम डिग्री कॉलेज का निर्माण हर हाल में चयनित स्थल पर ही होगा – सहिस
जमशेदपुर : मंगलवार को सुबह 11 बजे से बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत जिलिंगडूंगरी स्थित बाघरा मौजा के स्वीकृत डिग्री कालेज मैदान में बोड़ाम – पटमदा के विभिन्न गांवों के ग्राम प्रधान, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, समाजसेवी, एवम आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे और उनके नेतृत्व में बोड़ाम डिग्री कॉलेज निर्माण समिति का गठन किया गया और उसी बैनर के तले निर्माण में आ रहे तकनीकी 0 समस्याओं के समाधान हेतु बैठक बुलाई गई , बैठक में सभी ग्रामीणों ने एक ही स्वर में उक्त स्थल पर कॉलेज निर्माण होने की बात कही गई।

साथ ही क्षेत्र के लोकप्रिय नेता सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस और वर्तमान सांसद के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए उनके द्वारा इस क्षेत्र के युवाओं के अच्छी शिक्षा व्यवस्था के लिए कॉलेज निर्माण की अनुशंसा कर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांगो को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास से कॉलेज की स्वीकृत दिलाई थी लेकिन वर्तमान सरकारी तंत्र और सरकार की उदासीन रवैया और उनके द्वारा बनाई गई जांच कमिटी द्वारा सुनियोजित साजिश के तहत कॉलेजों को स्थांतरित करते हुए क्षेत्र के युवाओं संग धोखा देने का कार्य कर रहे है ।

उक्त बैठक में बतौर अतिथि पहुंचे रामचंद्र सहिस ने कहा की – “वर्तमान सरकार शिक्षा के क्षेत्र में विभागीय उदासीन है इस क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित कॉलेज निर्माण की मांग को पिछली सरकार ने शोषित, वंचित और अतिपिछड़ा क्षेत्र को शिक्षित कर उन्हें रोजगार के अवसर देने का कार्य किया गया, मेरे कार्यकाल में जलापूर्ति योजना,शिक्षा के नए स्कूल खोलने , सड़क का जाल बिछाने का कार्य किया गया लेकिन वर्षो से इस क्षेत्र को विकास से वंचित रखने का प्रयास किया गया था जो मेरे कार्यकाल में इसपर ज्यादा जोर दे हमने जनता के साथ मिलकर जनोपयोगी कार्य कर विकास की एक नई मिशाल पेश किए है।”

विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं सहीस
उन्होंने कहा – आज कॉलेज नहीं रहने के कारण बहुत से नौजवान पढ़ने की इच्छा रखते है लेकिन आर्थिक और मानसिक परेशानियों के वजह से कॉलेज में दाखिला नहीं ले पाते है वैसे लोगो के लिए रामचंद्र सहिस आपके बीच खड़ा है और आपके हर बढ़ते कदम में कदम से कदम मिलाकर संघर्ष करने को तैयार है ।

बैठक में मुख्य रूप से जिला परिषद प्रतिनिधि मानिक चंद्र महतो,आदित्य महतो, स्वर्धन हांसदा, बनमाली बनर्जी, नरेश सिंह, लक्षुमन सिंह, मेनका किस्कू, देवजनी दास, सुचित्रा सिंह, गणेश महतो, मनबोध सिंह, चित्ररंजन महतो, मदन मुर्मू, छुटुलाल सहीस, मृत्युंजय सिंह, छुटूलाल सिंह, प्रकाश गोप, लक्ष्मण रूईदास, समर गोप, बासुदेव महतो, आदित्य महतो, निर्मल सिंह, माधव महतो, बुद्धेश्वर महतो मौजूद रहे।