शिक्षक वेतनमान आज राज्य के सभी शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी : अमर बाउरी
राँची : सेवानिवृत्त शिक्षक अमरनाथ झा ने बताया कि झारखण्ड सरकार ने सरकारी माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर नियुक्ति एवं सेवा शर्त नियमावली 2015 बनाई। जिसकी अधिसूचना संख्या 434 दिनांक 1 मार्च 2016 है। अधिसूचना के अध्याय 3 के कंडिका 6 के उप कंडिका 1 में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों को 12 वर्ष में वरीय वेतनमान एवं वरीय वेतनमान में 12 वर्ष की संतोषजनक सेवा के बाद 24 वर्ष की सेवा पूरी करने पर प्रवरन वेतनमान देना है। इस अधिसूचना के आधार पर देवघर, गढ़वा एवं पाकुड़ जिला के डीईओ ने अपने जिले के शिक्षकों को 24 वर्ष की सेवा पूरी करने पर परवरन का लाभ दिया। उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। रांची जिला के डीईओ ने भी उपायुक्त की अध्यक्षता में स्थापना कर 408 शिक्षकों की सूची प्रवरन वेतन हेतु पत्रांक 1655 दिनांक 18 जुलाई को निर्गत किया तथा पत्रांक 1787 दिनांक 4 अगस्त 2020 को कतिपय त्रुटि दिखाकर स्थगित रखा। इस विषय पर उन्होंने चंदनकियारी विधायक सह पूर्व मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी से विस्तृत में चर्चा की। विधायक अमर कुमार बाउरी ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त करते हुए कहा कि शिक्षक वेतनमान आज राज्य के सभी शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे मुद्दों पर सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। ताकि शिक्षकों को उनका हक और अधिकार मिल सके।उन्होंने बताया कि जल्द ही पार्टी पदाधिकारियों के साथ इस विषय पर विचार विमर्श कर आपसी समन्यवय बनाते हुए आगे की लड़ाई की रणनीति तैयार की जाएगी।