रंभा कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन में “विकसित भारत @ 2047” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
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जमशेदपुर:रंभा कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन द्वारा 23 दिसंबर 2025, मंगलवार को “विकसित भारत @ 2047 हेतु समर्थ शिक्षक, संवेदनशील शिक्षार्थी और समृद्ध समुदाय की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में विचार-विमर्श हेतु बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. देवेंद्र नाथ तिवारी, महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी बिहार से डॉ. प्रसून दत्त सिंह तथा पश्चिम बंगाल के गोपाल चंद्र मेमोरियल कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन से डॉ. श्रेयसी पालटा सिंह बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में एलबीएसएम के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार अविचल, प्रोफेसर डॉ. दीपांजय श्रीवास्तव एवं शिक्षाविद दिलीप मंगराज की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने विकसित भारत की संकल्पना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, समावेशी एवं समग्र शिक्षा, शुचिता, सहभागिता और दायित्वबोध पर विस्तार से अपने विचार रखे। इस अवसर पर आईएसबीएन संख्या की शैक्षणिक पुस्तक “मानवतावादी और समग्र शिक्षा के लिए आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता”, संगोष्ठी से संबंधित स्मारिका तथा डेस्क नववर्ष कैलेंडर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य संरक्षिका कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता एवं संरक्षक रजिस्ट्रार डॉ. रंजीत कर्ण रहे, जबकि कन्वेनर की भूमिका डॉ. संजीव आनंद ने निभाई। स्वागत भाषण सचिव गौरव बचन ने दिया तथा आशीर्वचन अध्यक्ष राम बचन ने प्रदान किया।

संगोष्ठी में ऑफलाइन एवं ऑनलाइन कुल 32 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुमन लता एवं असिस्टेंट प्रोफेसर ऐश्वर्या कर्मकार ने किया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी को सफल बनाने में महाविद्यालय के शिक्षकों एवं स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, वहीं अध्यक्षा रंभा देवी एवं सह सचिव विवेक बचन की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।