सुर साम्राज्ञी लता जी का महाप्रयाण, देश में संगीत का एक दैदीप्यमान नक्षत्र अस्त होने समान : कुणाल षाड़ंगी
सुर साम्राज्ञी लता जी का महाप्रयाण, देश में संगीत का एक दैदीप्यमान नक्षत्र अस्त होने समान है। भारत रत्न और संगीत जगत की सिरमौर स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके देहावसान से भारतीय संगीत में जो रिक्तता आई है, भविष्य में उसकी भरपाई संभव नहीं। उनका जाना हर हिंदुस्तानी के लिए किसी अपने के चले जाने जैसा है।