नवादा में बकाया बिल पर सामूहिक कार्रवाई: 200 घरों की बिजली गुल, ग्रामीणों में आक्रोश
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Bihar:बिहार के नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड अंतर्गत गुआघोघरा गांव में बिजली विभाग की सख्ती के बाद पूरे गांव की आपूर्ति एक साथ बंद कर दिए जाने से करीब 200 घरों में अंधेरा छा गया है। विभाग का कहना है कि गांव के उपभोक्ताओं पर कई वर्षों से लगभग 12 लाख रुपये का बकाया बिजली बिल लंबित था और बार-बार नोटिस देने, समझाने तथा भुगतान के लिए मोहलत देने के बावजूद संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। अंततः मुख्यालय के निर्देश पर ट्रांसफार्मर से ही सप्लाई काट दी गई, जिससे पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप हो गई।
सामूहिक कटौती के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि गांव में पहले से ही लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी रहती है, इसके बावजूद बिल अधिक आता है और कई उपभोक्ताओं के बिल में कथित गड़बड़ियां भी सामने आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने किस्तों में भुगतान और बिल संशोधन की मांग की थी, लेकिन विभाग ने राहत देने के बजाय पूरी लाइन ही काट दी। बिजली बंद होने से मोबाइल चार्जिंग, पेयजल आपूर्ति, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।बिजली विभाग का पक्ष है कि राजस्व वसूली के बिना आपूर्ति जारी रखना संभव नहीं है और बकाया की वसूली के लिए सामूहिक कार्रवाई आवश्यक हो गई थी। हालांकि, इस कदम ने नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि नियमित भुगतान करने वाले उपभोक्ता भी अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल बकायेदारों के कनेक्शन काटना अधिक उचित होगा, जबकि ट्रांसफार्मर स्तर पर आपूर्ति बंद करना निर्दोष उपभोक्ताओं के लिए दंड जैसा है।घटना ने बिहार में बिजली प्रबंधन और उपभोक्ता राहत नीतियों के बीच संतुलन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रभावित ग्रामीणों ने सरकार से हस्तक्षेप कर आपूर्ति बहाल कराने, बिल में राहत देने और आसान किस्त योजना लागू करने की मांग की है। फिलहाल बिजली बहाली को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और गांव के लोग समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।