टीएसएएफ प्रशिक्षक मोहन रावत ने फतह किया माउंट एवरेस्ट।दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर लहराया तिरंगा, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के लिए गौरवपूर्ण पल।
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न्यूज टेल डेस्क:जमशेदपुर, 19 मई 2025: टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) के वरिष्ठ प्रशिक्षक मोहन रावत ने 18 मई की सुबह 5:20 बजे (नेपाल समय) माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर देश का तिरंगा फहराया। उत्तरकाशी के अगोड़ा गांव से ताल्लुक रखने वाले मोहन ने काठमांडू से यात्रा शुरू की थी और तमाम बाधाओं को पार करते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया। यह टीएसएएफ के लिए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिसकी शुरुआत 1984 में बछेंद्री पाल की पहली एवरेस्ट चढ़ाई से हुई थी। मोहन के साथ अनुभवी शेर्पा गाइड लाख्पा शेर्पा और आउटफिटर ‘एशियन ट्रेकिंग’ की टीम भी शामिल थी।

साहसिक यात्रा की हर बाधा को किया पार, अनुशासन और जूनून का प्रतीक बनी चढ़ाई। मोहन ने 10 अप्रैल को भारत से अपनी यात्रा शुरू की और 3 मई को एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे। acclimatization के लिए उन्होंने माउंट लोबुचे ईस्ट की चढ़ाई की। इसके बाद 8 मई से समिट रोटेशन शुरू हुआ और कैंप 1, 2 और 3 होते हुए वे 11 मई को वापस बेस कैंप लौटे। अंतिम समिट पुश 14 मई की रात शुरू हुआ, जिसके तहत 18 मई की सुबह मोहन एवरेस्ट की चोटी तक पहुंचे। लगभग 15 मिनट वहां बिताकर उन्होंने वापसी शुरू की। यह चढ़ाई उनके तकनीकी कौशल, शारीरिक सहनशक्ति और मजबूत मानसिकता का प्रमाण है।

साधारण पृष्ठभूमि से ऊंचाइयों तक का प्रेरणादायक सफर,मोहन रावत का सफर एक प्रेरणा है। एक समय वे राफ्टिंग गाइड और ट्रेक पर खाने की दुकान चलाते थे। पिछले 20 वर्षों से टीएसएएफ से जुड़े मोहन ने कई प्रतिष्ठित चोटियों पर चढ़ाई की है और मिशन गंगे व ट्रांस-हिमालयन अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं। 2022 से माउंट एवरेस्ट की तैयारी में लगे मोहन ने उच्च ऊंचाई वाले ट्रेक, शीतकालीन प्रशिक्षण और कई कठिन अभियानों से खुद को परखा। उनकी यह सफलता न सिर्फ टीएसएएफ की विरासत को आगे बढ़ाती है, बल्कि देश के युवाओं को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा भी देती है।
